Singrauli News: 450 प्रभावितों को मिला मुआवजा, 200 करोड़ का भुगतान प्रक्रियाधीन: निरंजन रुक्मांगद

By: Editor

On: Friday, June 12, 2026 12:35 PM

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विस्थापन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच एनसीएल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखते हुए पुनर्स्थापना समिति के आरोपों को निराधार बताया है। एनसीएल के महाप्रबंधक (पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना) निरंजन रुक्मांगद ने कहा कि मुआवजा भुगतान एनसीएल बोर्ड द्वारा अनुमोदित गाइडलाइन्स के अनुसार किया जा रहा है तथा पात्रता सिद्ध करने के लिए आवश्यक दस्तावेज लिए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि संबंधित प्रभावित व्यक्ति द्वारा सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं और प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत आगे बढ़ रही है। जीएम ने स्पष्ट किया कि ड्रोन सर्वे सभी मंचों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहमति से कराया गया था तथा इसके लिए आवश्यक शासकीय अनुमति भी उपलब्ध है।

पुनर्स्थापना समिति द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार और पैसे लेने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए निरंजन रुक्मांगद ने कहा कि यह आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत हैं। उन्होंने बताया कि चर्चा के दौरान आरोप लगाने वालों से प्रमाण मांगे गए थे, लेकिन वे कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ आरोप प्रमाणित होते हैं तो एनसीएल संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी।

उन्होंने कहा कि विस्थापन एवं मुआवजा वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावित परिवारों के अनुकूल रखी गई है। अब तक लगभग 450 प्रभावितों को, जिनमें एक हजार से अधिक परिवार सदस्य शामिल हैं, मुआवजा वितरित किया जा चुका है। वहीं करीब 200 करोड़ रुपये के भुगतान की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा लगभग एक हेक्टेयर भूमि का कब्जा भी लिया जा चुका है।

जीएम ने कहा कि कुछ लोगों के व्यक्तिगत स्वार्थ पूरे नहीं हो पाने के कारण वे प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कर्मचारियों पर विभिन्न प्रकार के दबाव और प्रलोभन डाले जा रहे हैं, बावजूद इसके नियमों के विरुद्ध कोई भुगतान नहीं किया जा रहा है और आवश्यक दस्तावेजों की जांच अनिवार्य रूप से की जा रही है।

विस्थापन प्रक्रिया में 10 वर्ष लगने संबंधी दावों को खारिज करते हुए निरंजन रुक्मांगद ने कहा कि यह केवल कुछ लोगों की कल्पना है। एनसीएल का प्रयास है कि पूरी प्रक्रिया सुचारु और समयबद्ध तरीके से पूरी हो। उन्होंने यह भी कहा कि तहसीलदार एवं पटवारी को केवल उन्हीं मामलों की जांच के लिए भेजा जा रहा है, जहां दस्तावेजों या स्वामित्व को लेकर भ्रम की स्थिति है।

महाप्रबंधक निरंजन रुक्मांगद ने कहा कि एनसीएल द्वारा संचालित यह देश के सबसे बड़े विस्थापन अभियानों में से एक है। उन्होंने बताया कि सभी प्रभावित रहवासियों की मदद, वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन, विभिन्न विस्थापन मंचों के सहयोग तथा मीडिया से जुड़े लोगों के सकारात्मक समर्थन के कारण यह प्रक्रिया निर्बाध रूप से आगे बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सभी पक्षों का इसी प्रकार सहयोग मिलता रहेगा, जिससे विस्थापन एवं पुनर्वास की प्रक्रिया को और अधिक सुचारु एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।

एनसीएल प्रबंधन का कहना है कि विस्थापन और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया निरंतर जारी है तथा प्रभावित परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी कार्रवाई निर्धारित नियमों के अनुरूप की जा रही है।

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