Singrauli News: बिना नंबर की पिकअप में 35 लोहे के पाइप और 7 एंगल 8.50 लाख का माल जप्त, अब पुलिस की जांच की सुई ‘बंटी कबाड़ी’ तक

By: Editor

On: Sunday, September 20, 2026 11:10 AM

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सिंगरौली। जिले में अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत गोरबी चौकी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना नंबर की पिकअप वाहन से भारी मात्रा में लोहे की सामग्री बरामद की है। पुलिस ने वाहन सहित करीब 8.50 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में लोहा बिना दस्तावेज के कहां से आया और इसे किसके इशारे पर ले जाया जा रहा था?

 

पुलिस के अनुसार गोरबी तिराहे के पास पुलिस टीम को एक बिना नंबर की पिकअप संदिग्ध हालत में दिखाई दी। पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन को रोका और उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान पिकअप से 35 नग लोहे के पाइप तथा 7 नग लोहे के एंगल बरामद हुए।

 

पुलिस ने बरामद लोहे की अनुमानित कीमत करीब 50 हजार रुपये, जबकि पिकअप वाहन की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये बताई है। इस तरह जब्त वाहन और सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब 8.50 लाख रुपये बताई जा रही है।

 

दस्तावेज मांगने पर चालक के पास नहीं मिला जवाब

 

पुलिस के मुताबिक वाहन चला रहे रिशु कुमार भारती उम्र 20 वर्ष, निवासी चटका चंदपुर, मोरवा से जब लोहे की सामग्री के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे गए तो वह दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने वाहन और लोहे की सामग्री को अपने कब्जे में लेकर नियमानुसार जब्ती की कार्रवाई शुरू की।

 

पुलिस द्वारा ई-साक्ष्य के माध्यम से वीडियोग्राफी भी कराई गई। जब्त पिकअप को गोरबी चौकी परिसर में खड़ा कराया गया है।

 

अब असली सवाल लोहा आया कहां से और जा कहां रहा था?

 

कार्रवाई के बाद मामले में कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे अहम सवाल यही है कि बिना नंबर की पिकअप में इतनी बड़ी मात्रा में लोहे के पाइप और एंगल लेकर चालक कहां जा रहा था? सामग्री का स्रोत क्या था? क्या यह किसी परियोजना, कबाड़ केंद्र या अन्य स्थान से लाई गई थी? और यदि सामग्री वैध थी तो उसके दस्तावेज मौके पर क्यों नहीं थे?

 

पुलिस ने मामले को जांच में लिया है। अब जांच के दौरान लोहे की सामग्री के स्रोत, वाहन के मालिक, वाहन के पूर्व उपयोग और सामग्री की संभावित सप्लाई चेन की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

 

‘बंटी कबाड़ी’ तक पहुंचती है जांच तो खुल सकते हैं कई राज

 

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी सामने आई है कि उक्त पिकअप और लोहे की सामग्री का संबंध चटका क्षेत्र में बंटी नाम से संचालित कबाड़ कारोबारी का है।

 

यदि जांच में पिकअप अथवा बरामद लोहे का संबंध बंटी कबाड़ी से सामने आता है तो पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि माल कहां से खरीदा गया, किसके माध्यम से पहुंचा और इसे आगे किसे बेचा या भेजा जाना था।

 

सिर्फ चालक तक कार्रवाई सीमित रहने के बजाय यदि पुलिस वाहन के मालिक और माल के वास्तविक स्रोत तक पहुंचती है तो पूरे नेटवर्क की तस्वीर सामने आ सकती है। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद लोहे की वास्तविक कहानी क्या है।

 

धारा 106 BNSS के तहत कार्रवाई

 

पुलिस ने धारा 106 BNSS के तहत इस्तगासा कायम कर मामले को विवेचना में लिया है। पुलिस अब बरामद सामग्री के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाने के साथ वाहन और उससे जुड़े व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।

 

इस कार्रवाई में गोरबी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक शीतला यादव सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 

पुलिस के सामने चुनौती—चालक से आगे बढ़कर असली स्रोत तक पहुंचना

 

गोरबी पुलिस की कार्रवाई से बिना दस्तावेज लोहे का परिवहन करने वालों में हड़कंप मचा है। लेकिन इस कार्रवाई की असली तस्वीर जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी। यदि बरामद सामग्री किसी बड़े कबाड़ नेटवर्क का हिस्सा है, तो केवल पिकअप चालक पर कार्रवाई के बजाय माल के स्रोत से लेकर अंतिम खरीदार तक पूरी कड़ी की जांच करना अहम होगा।

 

अब निगाहें इस बात पर हैं कि पुलिस की जांच पिकअप और चालक तक सीमित रहती है या फिर लोहे के कथित स्रोत और संबंधित कबाड़ कारोबारियों तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क का खुलासा करती है।

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